Breaking News: अमेरिका ने टैरिफ में बड़ी कटौती की, 50% से घटाकर 18% किया — सोना-चांदी पर क्या असर पड़ेगा?
नई दिल्ली: अमेरिका ने आयात शुल्क (Tariff) को लेकर बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। ताज़ा जानकारी के मुताबिक, कुछ आयातित उत्पादों पर लागू टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इस फैसले को वैश्विक व्यापार के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है।
अमेरिका के इस कदम के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हलचल देखी जा रही है और निवेशकों की नजर अब सोना-चांदी की कीमतों पर टिकी हुई है।
हालांकि भारतीय बाजार मै इस कटौती का सबसे ज्यादा असर दारू , सोयाबीन , और सोयाबीन तेल पर सीधा असर पड़ेगा। आपको जानकारी होगी सोयाबीन अमेरिका मै सबसे ज्यादा उगाई जाती है पिछले वर्षों मै अमेरिकी किसानों को ट्रंप के टैरिफ से बड़ा झटका लगा था । अब अमेरिकी किसानों को फायदा मिलेगा और भारत मै सोयाबीन सस्ती होगी।
अमेरिका ने टैरिफ क्यों घटाया?
विशेषज्ञों के अनुसार, ऊंचे टैरिफ के कारण वैश्विक व्यापार पर दबाव बढ़ रहा था। लागत बढ़ने से महंगाई और सप्लाई चेन प्रभावित हो रही थी। टैरिफ घटाकर अमेरिका ने व्यापार को आसान बनाने और बाजार में स्थिरता लाने की कोशिश की है।
- व्यापार तनाव में कमी नजर आ रही थी।
- आयातित सामान सस्ता होने की संभावना बन गई।
- ग्लोबल सप्लाई चेन को राहत मिल सकती है।
इस फैसले का सोने पर क्या असर होगा?
आमतौर पर जब वैश्विक तनाव कम होता है, तो सोने की सुरक्षित निवेश वाली मांग कमजोर पड़ती है। टैरिफ घटने से बाजार में जोखिम लेने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है।
संभावित असर:
- सोने की कीमतों में तेज उछाल की संभावना कम हो गई।
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना सीमित दायरे में रह सकता है।
- MCX पर सोने में स्थिरता या हल्की कमजोरी देखने को मिल सकती है।
हालांकि, अगर डॉलर में कमजोरी आती है या भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो सोने को फिर सहारा मिल सकता है। अभी ऐसे तनाव की संभावना कम है।
चांदी सस्ती होगी या महंगी?
चांदी पर इस फैसले का असर सोने से अलग हो सकता है। चांदी एक इंडस्ट्रियल मेटल भी है, जिसका इस्तेमाल उद्योगों में होता है।
टैरिफ घटने से:
- इंडस्ट्रियल डिमांड बढ़ने की संभावना बन रही है।
- चांदी को सपोर्ट मिल सकता है।
- लॉन्ग टर्म में चांदी मजबूत रह सकती है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि चांदी में तेज गिरावट की आशंका कम है और यह सोने की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बाजार जानकारों का कहना है कि टैरिफ में कटौती से जोखिम वाली परिसंपत्तियों (Risk Assets) को फायदा हो सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए संतुलित रणनीति अपनानी चाहिए।
- सोने में भारी खरीद से बचें।
- चांदी में गिरावट पर नजर रखें ।
- डॉलर इंडेक्स और वैश्विक संकेतों को फॉलो करें।
आगे बाजार की नजर किस पर?
अब निवेशकों की नजर अमेरिका की आगे की व्यापार नीति, फेडरल रिजर्व के संकेत और वैश्विक आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी। इन्हीं फैक्टर्स के आधार पर सोना और चांदी की अगली दिशा तय होगी।
इस खबर से जुड़ी हर नई और पुष्टि की गई अपडेट नीचे जोड़ी जाती रहेगी…

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