Advertisement

"Blast! Russia Exposes US Over Yemen Attack, Calls It a War Crime"

धमाका! रूस ने अमेरिका को दिखाया ठेंगा, यमन में 'गुनाहों' का खोला चिट्ठा

"Russia accuses America of war crime in Yemen Ras Isa oil port airstrike killing 80 civilians"


मॉस्को: रूस ने यमन के रास इसा तेल बंदरगाह पर हुए हमले को लेकर अमेरिका पर सीधा हमला बोला है। 17 अप्रैल 2025 को हुए इस भीषण हमले में 74 से अधिक निर्दोष लोग मारे गए और 171 से ज्यादा घायल हो गए। रूस ने इस पूरे मामले को "युद्ध अपराध" करार दिया है।

कूटनीतिक जंग की शुरुआत?

क्रेमलिन के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि अब मामला सिर्फ यमन तक सीमित नहीं रहेगा। रूस ने अमेरिका को चेताया है कि ऐसी कार्यवाहियां न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि इससे वैश्विक स्थिरता भी खतरे में है।

तेल बंदरगाह पर हमला क्यों अहम?

रास इसा बंदरगाह रेड सी के नजदीक एक रणनीतिक बिंदु है जहां से दुनियाभर का तेल गुजरता है। इस पर हमला करना ऊर्जा आपूर्ति पर सीधा वार माना जा रहा है।

बाइडन प्रशासन पर दबाव

रूस के इस बयान के बाद बाइडन प्रशासन पर अब वैश्विक समुदाय की नजरें टिक गई हैं। अमेरिका की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि यह मामला कूटनीतिक रूप लेगा या सैन्य तनाव में बदलेगा।

भारत और दुनिया की भूमिका

भारत जैसी उभरती शक्तियों के लिए यह एक संतुलन साधने का मौका है। एक तरफ अमेरिका से व्यापारिक रिश्ते, दूसरी तरफ रूस से सामरिक साझेदारी — भारत का तटस्थ रुख अब पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है।

🇷🇺 रूसी विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया:

24 अप्रैल 2025 को, रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़ाखारोवा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा:

“हम इन हमलों को अनुचित और अस्वीकार्य मानते हैं।”
  • 80 से अधिक लोगों की मौत और लगभग 230 घायल हुए हैं।
  • रूस का मानना है कि इस तरह की कार्रवाइयाँ क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा हैं।
  • रूस ने अमेरिका से आग्रह किया है कि वह हिंसा को तुरंत रोके और सभी पक्ष संयम बरतें।

निष्कर्ष

यमन पर हमला केवल एक क्षेत्रीय संघर्ष नहीं, बल्कि एक नई वैश्विक खींचतान की शुरुआत हो सकती है। रूस ने अमेरिका को खुली चुनौती दी है और अब पूरी दुनिया देख रही है कि यह कहानी आगे क्या मोड़ लेती है।

स्रोत:

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ