विजयादशमी 2025: गोरखनाथ मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा
विजयादशमी, जिसे दशहरा भी कहा जाता है, धर्म, मर्यादा और सत्य की विजय का प्रतीक पर्व माना जाता है। इस वर्ष 2 अक्टूबर 2025 में, गोरखनाथ मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पर्व की महिमा को और भी ऊँचा कर दिया। ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर गूँज उठा और भक्तों ने इस पावन अवसर का आनंद लिया।
शोभायात्रा में भगवान श्री राम, माता जानकी और भगवान श्री लक्ष्मण के सुंदर स्वरूपों को सजाया गया। हजारों भक्तों ने इनके दर्शन करने और पूजन-अर्चन करने का परम सौभाग्य प्राप्त किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से राम की गाथाओं का स्मरण किया और मर्यादा पुरुषोत्तम राम की महिमा का अनुभव किया।
भव्य शोभायात्रा और भक्तों का उत्साह
गोरखनाथ मंदिर से निकली शोभायात्रा में फूलों की सजावट, रोशनी और ढोल-नगाड़ों की धुन ने माहौल को और भी भव्य बना दिया। हजारों श्रद्धालु यात्रा में शामिल हुए और ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से पूरे क्षेत्र को भक्तिमय कर दिया। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने सभी ने मिलकर इस उत्सव में भाग लिया।
इस शोभायात्रा का उद्देश्य न केवल धार्मिक आस्था को बढ़ावा देना था बल्कि समाज में भाईचारे और एकता का संदेश देना भी था। विजयोत्सव के दौरान सभी ने रामराज्य के आदर्शों का स्मरण किया और समाज में धर्म और मर्यादा के पालन का संकल्प लिया।
लव जिहाद पर सख्त कानून
इस वर्ष के विजयादशमी पर्व पर सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम भी उठाया। हाल ही में लव जिहाद के खिलाफ एक सख्त विधेयक पास किया गया है। इस कानून के तहत जो भी व्यक्ति या समूह इस अपराध में लिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
भक्तों और जनता ने इस कदम का स्वागत किया और इसे सामाजिक सुरक्षा और महिलाओं की सुरक्षा की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना। गोरखपुर में इस अवसर पर लोगों ने अपने समर्थन और आस्था का प्रतीक स्वरूप विधेयक के पक्ष में रैली और संदेश जारी किए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जो कहा उसका वीडियो आपको पोस्ट के आखरी मै दिया गया आप देख सकते।
राम-जानकी-लक्ष्मण पूजन का महत्त्व
विजयादशमी के दिन राम, सीता और लक्ष्मण का पूजन करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस वर्ष भी गोरखनाथ मंदिर में विशेष पूजा और अर्चन का आयोजन किया गया। भक्तों ने मंदिर में दीप जलाकर और पुष्प अर्पित करके अपनी भक्ति प्रकट की।
राम-जानकी-लक्ष्मण के पूजन का उद्देश्य न केवल व्यक्तिगत आस्था को बढ़ाना है, बल्कि समाज में सत्य और धर्म की स्थापना करना भी है। यह पर्व हमें यह संदेश देता है कि सच्चाई और न्याय की हमेशा विजय होती है।
समाज में विजयादशमी का संदेश
विजयादशमी का मुख्य संदेश है—अधर्म पर धर्म की जीत, अज्ञान पर ज्ञान की विजय और गलत कार्यों पर सत्य का उत्थान। यह पर्व हमें अपने जीवन में सही और गलत की पहचान करने की प्रेरणा देता है।
गोरखनाथ मंदिर की भव्य शोभायात्रा ने न केवल धार्मिक महत्त्व को उजागर किया बल्कि समाज में एकता, भाईचारे और कानून के पालन का संदेश भी दिया। यह दिन सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया कि कैसे धर्म और मर्यादा के मार्ग पर चलकर समाज में सही परिवर्तन लाया जा सकता है।
निष्कर्ष
विजयादशमी 2025 ने गोरखनाथ मंदिर में धर्म, भक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। शोभायात्रा, राम-जानकी-लक्ष्मण पूजन और लव जिहाद पर पास किए गए सख्त कानून ने इस पर्व को और भी महत्वपूर्ण बना दिया। यह पर्व हमें सिखाता है कि आस्था, मर्यादा और सच्चाई की हमेशा जीत होती है।



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