अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ता तनाव: 15 चौकियों के दावे से लेकर अमेरिका की चुप्पी तक पूरा विश्लेषण
तारीख: फरवरी 2026
अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा पर एक बार फिर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। सोशल मीडिया और कुछ मीडिया संस्थानों में यह दावा किया गया कि अफगानिस्तान ने पाकिस्तान की 15 चौकियों पर कब्जा कर लिया है। इस दावे के बाद पूरे दक्षिण एशिया में हलचल मच गई। लेकिन जब अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्वतंत्र स्रोतों की जांच की गई तो तस्वीर थोड़ी अलग नजर आई। यह रिपोर्ट पूरी रिसर्च और उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं के आधार पर तैयार की गई है।
क्या है पूरा घटनाक्रम?
फरवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा, जिसे ड्यूरंड लाइन कहा जाता है, पर भारी गोलीबारी की खबरें सामने आईं। अफगान पक्ष का कहना है कि यह कार्रवाई पाकिस्तान की ओर से की गई एयर स्ट्राइक के जवाब में की गई। अफगान प्रवक्ताओं ने दावा किया कि उनकी सेना ने पाकिस्तान की कई चौकियों को निशाना बनाया और लगभग 15 चौकियों पर नियंत्रण स्थापित किया।
दूसरी ओर, पाकिस्तान ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि अफगान बलों ने बिना उकसावे फायरिंग शुरू की और पाकिस्तान ने केवल जवाबी कार्रवाई की। पाकिस्तान का कहना है कि उसकी सीमा चौकियां सुरक्षित हैं और कब्जे का दावा सही नहीं है।
अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की रिपोर्ट क्या कहती है?
Reuters, AFP और अन्य अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों ने सीमा पर भारी संघर्ष और दोनों ओर से सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की है। हालांकि, इन एजेंसियों ने स्पष्ट रूप से यह भी कहा है कि “15 चौकियों पर कब्जा” जैसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई कि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर पहले हमला करने का आरोप लगा रहे हैं। कुछ स्थानीय स्रोतों ने नुकसान की बात कही है, लेकिन सटीक संख्या और नियंत्रण की स्थिति को लेकर स्पष्ट और निष्पक्ष प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।
संघर्ष की पृष्ठभूमि
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच ड्यूरंड लाइन को लेकर दशकों से विवाद चला आ रहा है। अफगानिस्तान आधिकारिक तौर पर इस सीमा को पूरी तरह मान्यता नहीं देता, जबकि पाकिस्तान इसे अंतरराष्ट्रीय सीमा मानता है।
पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान ने सीमा पर बाड़बंदी (फेंसिंग) तेज कर दी है, जिसका अफगान तालिबान प्रशासन कई बार विरोध कर चुका है। इसके अलावा पाकिस्तान का आरोप है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) जैसे संगठन अफगान जमीन का इस्तेमाल कर रहे हैं। अफगान पक्ष इन आरोपों से इनकार करता रहा है।
क्या वास्तव में 15 चौकियों पर कब्जा हुआ?
अफगान प्रवक्ताओं ने दावा जरूर किया कि उन्होंने पाकिस्तान की 15 चौकियों पर कब्जा कर लिया है। लेकिन पाकिस्तान ने इस दावे को सिरे से नकार दिया।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने अब तक इस कब्जे की पुष्टि नहीं की है। यानी दावा मौजूद है, लेकिन स्वतंत्र सत्यापन अभी तक नहीं हुआ है। ऐसे मामलों में अक्सर युद्ध के दौरान दोनों पक्ष मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के लिए बड़े दावे करते हैं।
अमेरिका की प्रतिक्रिया क्या है?
अब सवाल उठता है कि अमेरिका इस पूरे मामले पर क्या कह रहा है। अब तक अमेरिकी सरकार की ओर से कोई सख्त या विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। अमेरिका की नीति आमतौर पर यह रही है कि सीमा विवादों को कूटनीतिक तरीके से सुलझाया जाए।
2021 में अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी के बाद अमेरिका सीधे तौर पर इस क्षेत्र में सैन्य रूप से सक्रिय नहीं है। इसलिए इस संघर्ष में उसका सीधा हस्तक्षेप देखने को नहीं मिला है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र ने सामान्य रूप से शांति और संयम की अपील की है, लेकिन किसी पक्ष का समर्थन करने या सीधे हस्तक्षेप की घोषणा नहीं की गई है।
क्षेत्रीय असर क्या हो सकता है?
अगर सीमा पर तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो इसका असर कई स्तरों पर पड़ सकता है:
- सीमा पार व्यापार और ट्रांजिट रूट प्रभावित हो सकते हैं।
- स्थानीय नागरिकों की आवाजाही रुक सकती है।
- शरणार्थी संकट की संभावना बढ़ सकती है।
- दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति और जटिल हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच वार्ता शुरू नहीं हुई तो छोटे स्तर का यह संघर्ष बड़े टकराव में बदल सकता है।
सोशल मीडिया और ग्राउंड रियलिटी
सोशल मीडिया पर कई वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिनमें कथित तौर पर क्षतिग्रस्त चौकियां और सैन्य गतिविधियां दिखाई जा रही हैं। लेकिन युद्ध जैसे हालात में पुराने वीडियो या अपुष्ट फुटेज भी तेजी से फैल जाते हैं। इसलिए किसी भी वायरल सामग्री पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
निष्कर्ष
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर गंभीर संघर्ष हुआ है, इसमें कोई दो राय नहीं। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर हमले और जवाबी कार्रवाई के आरोप लगाए हैं। अफगान पक्ष ने 15 चौकियों पर कब्जे का दावा किया है, लेकिन स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय स्रोतों ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
अमेरिका ने इस मामले में अब तक संयमित और शांतिपूर्ण रुख अपनाया है तथा सीधे हस्तक्षेप से दूरी बनाए रखी है।
स्थिति अभी भी संवेदनशील है और आने वाले दिनों में आधिकारिक बयानों और स्वतंत्र जांच के बाद ही स्पष्ट तस्वीर सामने आ पाएगी। फिलहाल, सबसे जरूरी है कि दोनों देश तनाव कम करने की दिशा में कूटनीतिक कदम उठाएं।
