"कल चांदी में आ सकती है 5000 की बड़ी गिरावट! इंटरनेशनल मार्केट में कमजोरी के संकेत"
कल चांदी में आ सकती है 5000 की बड़ी गिरावट! इंटरनेशनल मार्केट दे रहा बड़ा संकेत
नई दिल्ली / बुलियन मार्केट: अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी (Silver) के भाव में कमजोरी के संकेत दिखाई दे रहे हैं। बुलियन मार्केट के जानकारों का मानना है कि अगर यही ट्रेंड जारी रहा तो आने वाले ट्रेडिंग सेशन में MCX सिल्वर में करीब 5000 रुपये तक की गिरावट देखने को मिल सकती है। अंतरराष्ट्रीय मार्केट, डॉलर इंडेक्स और फ्यूचर ट्रेडिंग के आंकड़े यह संकेत दे रहे हैं कि चांदी पर दबाव बढ़ सकता है।
इंटरनेशनल मार्केट में कमजोरी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमतों में हाल ही में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। SLN Bullion के लेटेस्ट अपडेट के अनुसार सिल्वर लगभग 88.45 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहा है जबकि इसका लो लगभग 86.61 डॉलर तक दर्ज किया गया। यह संकेत देता है कि बाजार में अभी भी दबाव बना हुआ है और बड़ी चाल की संभावना बनी हुई है।
अगर डॉलर मजबूत होता है या इंटरनेशनल मार्केट में मुनाफावसूली बढ़ती है तो इसका सीधा असर भारतीय बाजार यानी MCX पर भी देखने को मिल सकता है। अक्सर देखा गया है कि जब भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी कमजोर होती है तो भारत में इसकी कीमतों में बड़ी गिरावट आ सकती है।
MCX सिल्वर का मौजूदा ट्रेंड
भारत के कमोडिटी मार्केट में फिलहाल MCX सिल्वर फ्यूचर लगभग 277000 के आसपास ट्रेड कर रहा है। वहीं हाई लगभग 279463 और लो लगभग 271000 के आसपास दर्ज किया गया है। यह रेंज बताती है कि बाजार में अभी अनिश्चितता बनी हुई है।
अगर सपोर्ट लेवल टूटता है तो बाजार में घबराहट वाली बिकवाली शुरू हो सकती है। ऐसे में कई ट्रेडर्स का मानना है कि सिल्वर में 3000 से 5000 रुपये तक की गिरावट देखने को मिल सकती है।
चांदी में गिरावट क्यों आ सकती है?
- इंटरनेशनल मार्केट में कमजोरी देखने को मिल रही है।
- डॉलर इंडेक्स में मजबूती बनी हुई है।
- कमोडिटी मार्केट में मुनाफावसूली चल रही है।
- फ्यूचर मार्केट में बिकवाली का दबाव बना हुआ है।
- टेक्निकल चार्ट में कमजोरी के संकेत मिल रहे है।
- ईरान वॉर भी डर का माहौल बना रहा है।
इन सभी कारणों की वजह से चांदी के बाजार में फिलहाल दबाव बना हुआ है और कई बड़े ट्रेडर्स सतर्क नजर आ रहे हैं।
टेक्निकल चार्ट क्या बता रहे हैं?
मार्केट के टेक्निकल चार्ट पर नजर डालें तो सिल्वर ने हाल ही में ऊपरी स्तरों से रिवर्सल दिखाया है। कई एनालिस्ट का मानना है कि अगर कीमतें 275000 के नीचे टिकती हैं तो अगला बड़ा सपोर्ट 272000 और फिर 270000 के आसपास दिखाई दे सकता है।
अगर यह सपोर्ट भी टूटता है तो बाजार में तेज गिरावट आ सकती है। ऐसे में अगले सेशन में 5000 तक की कमजोरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
बुलियन मार्केट पर क्या होगा असर?
अगर चांदी में बड़ी गिरावट आती है तो इसका असर पूरे बुलियन मार्केट पर पड़ सकता है। खासकर ज्वेलरी और इंडस्ट्रियल डिमांड पर इसका असर देखने को मिल सकता है।
भारत में चांदी का उपयोग ज्वेलरी, निवेश और औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी मात्रा में किया जाता है। इसलिए कीमतों में बड़ा बदलाव बाजार की दिशा को भी प्रभावित कर सकता है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
बुलियन मार्केट विशेषज्ञ शिवम सोनी के अनुसार अंतरराष्ट्रीय संकेत फिलहाल चांदी के लिए कमजोर नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि अगर ग्लोबल मार्केट में बिकवाली जारी रहती है तो MCX में भी गिरावट देखने को मिल सकती है।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बाजार में हमेशा उतार-चढ़ाव रहता है और ट्रेडर्स को किसी भी बड़े निर्णय से पहले अपने स्तर पर रिसर्च जरूर करनी चाहिए।
ट्रेडर्स को क्या करना चाहिए?
कमोडिटी मार्केट में ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों को फिलहाल सावधानी बरतने की जरूरत है। मार्केट में तेजी और गिरावट दोनों ही अचानक आ सकती हैं। इसलिए बिना रणनीति के ट्रेडिंग करना नुकसानदायक हो सकता है।
मार्केट एक्सपर्ट का सुझाव है कि ट्रेडर्स को सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल पर नजर रखनी चाहिए और इंटरनेशनल मार्केट की चाल को समझकर ही ट्रेडिंग करनी चाहिए।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर देखा जाए तो इंटरनेशनल मार्केट के संकेत फिलहाल चांदी के लिए कमजोर नजर आ रहे हैं। अगर यही ट्रेंड जारी रहा तो आने वाले ट्रेडिंग सेशन में सिल्वर में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि बाजार की दिशा कई फैक्टर पर निर्भर करती है इसलिए निवेश से पहले पूरी जानकारी लेना जरूरी है।
Disclaimer: यह जानकारी बाजार के विश्लेषण और उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर दी गई है। कमोडिटी मार्केट में निवेश जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए किसी भी ट्रेड से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।
Founder – Shivam90.in | News & Analysis Writer. भारत की राजनीति, टेक्नोलॉजी और आर्थिक विषयों पर रिसर्च आधारित लेख लिखते हैं।