भारत में सोना: कितना है, कितना बढ़ा और कौन-कौन देश डॉलर से निकलकर गोल्ड में शिफ्ट कर रहे हैं | News Shivam90 की स्पेशल रिपोर्ट
परमालिंक: /2026/02/india-gold-reserves-shift-from-dollar-to-gold.html
लेवल: अर्थव्यवस्था, सोना, RBI, अंतरराष्ट्रीय रिज़र्व
भारत के पास लगभग 880 टन से उपर सोना है; भारत के घरेलू परिवारों के पास करीब ~30,000 टन सोना होने का आकलन है। 2024 में केंद्रीय बैंकों (global) ने बड़े पैमाने पर गोल्ड खरीदा इसका सबसे बड़ा कारण है युद्ध जैसे संकट जैसे कि रसिया और यूक्रेन युद्ध जिसमें रसिया के डॉलर को उनकी करेंसी मै बदलना मुश्किल हो गया था इस लिए — कई उभरते देश डॉलर-आधारित संपत्ति से दूर होकर सोने की तरफ़ बढ़ रहे हैं (Russia, China के साथ-साथ Poland, Türkiye, Kazakhstan जैसे विकल्पों के साथ) और हालिया उदाहरणों में अफ्रीका के कुछ देश भी गोल्ड खरीद रहे हैं। गोल्ड को हर देश सैफ जोन मै रख कर देख रहा है।
1) भारत में कुल सोने की स्थिति — दो स्तर पर समझिए इससे रिपोर्ट अच्छे से समझ आएगी।
(A) केंद्रीय बैंक / सरकारी भंडार
हालिया की मिली कुछ रिपोर्ट के अनुसार Reserve Bank of India (RBI) और भारत के विदेशी-भंडार में रिपोर्टेड सोना — दिसंबर 2025 तक RBI की कुल रिपोर्टेड होल्डिंग्स लगभग 880.2–880.8 टन तक पहुँच गई है भाई । यह आंकड़ा पिछले कुछ सालों में तेज़ी से ऊपर आया — खासकर 2024 में RBI की बड़ी खरीदों के कारण (2024 में RBI ने बड़े पैमाने पर सोना जोड़ा; जबकि 2025 में खरीदें कम रही लेकिन भारत का हिस्सा सोने मै बड़ा है
(B) घरेलू (Household) सोना
भारतीय घरों के पास पारंपरिक और ज्वेलरी के रूप में सोने का स्टॉक बहुत बड़ा है — हालिया की रिपोर्टों के आकलन अनुसार घरेलू सोने का मूल्य और मात्रा रिकॉर्ड पर है — अनुमान ~30,000 टन आसपास और इसका मार्केट वैल्यू ट्रिलियन्स डॉलर में नापा जा रहा है (हाउसहोल्ड गोल्ड का मूल्य 2026 में $5 ट्रिलियन पार करने की रिपोर्टें आई हैं)। यह दर्शाता है कि भारत में फिजिकल गोल्ड का सामाजिक व आर्थिक महत्व बहुत अधिक है।
2) भारत ने कितनी तेजी से और क्यों सोना बढ़ाया?
- 2024 में बड़ी accumulation: Global central bank buying की लहर में RBI ने 2024 में काफी सोना जोड़ा — World Gold Council/Gold.org के आंकड़े बताते हैं कि 2024 में वैश्विक केंद्रीय बैंक कुल ~1,045 टन जोड़ने वालों में शामिल थे और भारत भी बड़े जोड़ने वालों में था; RBI के खाते में 2024 की खरीदें उल्लेखनीय रहीं।
- 2025 का परिप्रेक्ष्य: 2025 में RBI की खरीदें घट कर कुछ टन रह गईं (उदाहरण के लिए 2025 में खरीदें कम रहीं), पर कुल होल्डिंग्स रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच चुकी थीं — यानी 2024 की बड़ी खरीद ने कुल स्टॉक बढ़ा दिया। इससे सोने का शेयर भारत के रिज़र्व में बढ़ा (किसी अवधि में ~10% से 13–16% तक रिपोर्टेड)।
- क्यों खरीदा? - डॉलर-यूरो के जोखिम से डाइवर्सिफिकेशन। - आख़िरी सालों में वित्तीय अनिश्चितता, सैंक्शन्स (कुछ देशों में), और मुद्रास्फीति की चिंताएँ। - घरेलू स्तर पर सोने का Cultural hedge व चालू व्यापार स्थितियों में वैरायटी।
3) कौन से देश डॉलर से निकलकर गोल्ड में शिफ्ट कर रहे हैं?
यहाँ दो ट्रेंड्स हैं — (A) केंद्रीय बैंक स्तर पर डायवर्सिफिकेशन (B) नेताओं/ग्रुप्स का रणनीतिक शिफ्ट।
- रूस (Russia): सैंक्शन्स के बाद रूस ने पश्चिमी करंसी जोखिम कम करने के लिए सॉर्ट-टर्म कैश को कम रखा और गोल्ड में अपनी होल्डिंग बढ़ाई — यह सब रणनीतिक निर्भरता कम करने का हिस्सा रहा। (विस्तृत रिपोर्टिंग मीडिया/विश्लेषण में उपलब्ध)।
- चीन (China): चीन ने भी गोल्ड खरीदियों और घरेलू सोना उत्पादन के ज़रिये अपनी स्थिति मजबूत की — 2024–2025 में चीन की उत्पादन व खरीद पर रिपोर्टें आई हैं। चीन की रणनीति अपने FX पोर्टफोलियो में विविधता लाने की रही।
- Türkiye, Poland, Kazakhstan और कुछ यूरोपीय/एशियाई केंद्रीय बैंक: 2020–2025 के बीच कई उभरते और मध्य-आय वाले देश केंद्रीय बैंक स्तर पर गोल्ड खरीदते दिखे — Poland जैसी सरकारों ने अग्रेसिव खरीद की, Kazakhstan और Türkiye ने भी महीनेवार/साल-दर-साल खरीद दिखाई।
- अफ्रीका के नए खरीदार (उदा. Kenya): हालिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि Kenya और कुछ अफ्रीकी देश अपने रिज़र्व में गोल्ड जोड़ने की योजना बना रहे हैं ताकि FX जोखिम घटे और आयात कवर मजबूत रहे। Reuters ने Kenya के केंद्रीय बैंक के बयान की रिपोर्ट की है।
- BRICS का बड़ा परिप्रेक्ष्य: BRICS देशों के कुछ हिस्सों में डॉलर पर निर्भरता घटाने की रणनीतियाँ देखी जा रही हैं — यह पूरी तरह से "डॉलर छोड़ो, गोल्ड पकड़ो" जैसा सरल मैनिफेस्टो नहीं है, पर इन देशों का रिज़र्व-डाइवर्सिफिकेशन स्पष्ट है।
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4) डेटा के अहम सूत्र (Major Sources)
- World Gold Council / Gold.org — Central bank buying & India market updates.
- TradingEconomics — India gold reserves historical डेटा (tonnes).
- Times of India — घरेलू सोने का मौजूदा वैल्यू/आकलन।
- Reuters — देशों (जैसे Kenya) के हालिया गोल्ड-खरीद फैसले।
- VisualCapitalist / Elements — central bank buying maps और बड़े बदलाव।
5) निष्कर्ष औरImplications — भारत के लिए क्या मायने रखते हैं ये बदलाव?
- स्ट्रेटेजिक सुरक्षा: RBI का ज्यादा सोना रखना विदेशी करेंसी जोखिम घटाने और सैंक्शन्स/मार्केट शॉक से बचने का साधन है। - Domestic liquidity vs cultural stock: घरों के पास बड़ा स्टॉक होने के कारण सोने का मार्केट और ज्वेलरी सेक्टर हमेशा संवेदनशील रहेगा।
Global trend: कई उभरते देश डॉलर-एक्सपोज़र घटाकर गोल्ड जोड़ रहे हैं — यह मुद्रा-राजनीति और विश्वास के नए संकेत हैं।
