ईरान-हॉर्मोस तनाव से ग्लोबल बाजार में भूचाल, कच्चा तेल उछला, डॉऊ टूटा, सोना-चांदी में बड़ी गिरावट
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया के बाजारों में डर बढ़ा दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो “ईरान के लिए कुछ भी नहीं बचेगा”। इसके साथ ही ईरान ने हॉर्मोस स्ट्रेट में जहाजों से टैक्स वसूली के लिए नया ट्रैफिक सिस्टम शुरू करने का ऐलान किया है।
ईरान का कहना है कि सिर्फ वही देशों और कंपनियों को फायदा मिलेगा जो उसका सहयोग करेंगे, जबकि अमेरिका के “फ्रीडम प्रोजेक्ट” का समर्थन करने वालों के लिए रास्ता बंद किया जा सकता है। इसी खबर के बाद ग्लोबल बाजारों में भारी उथल-पुथल शुरू हो गई।
कच्चा तेल फिर उछला, बाजार में डर
हॉर्मोस स्ट्रेट में बढ़ते तनाव से ब्रेंट क्रूड शुक्रवार से अब तक करीब 4% उछलकर 111 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर निकल गया। तेल में तेजी से दुनिया भर के शेयर बाजारों में दबाव बढ़ गया है।
गिफ्ट निफ्टी करीब 120 अंक गिरकर 23530 के पास ट्रेड करता दिखाई दिया। वहीं डॉऊ फ्यूचर करीब 350 अंक नीचे फिसला। एशियाई बाजारों में भी कमजोरी रही जहां जापान और कोरिया के बाजार करीब 2% तक टूटे।
शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में भी भारी बिकवाली देखने को मिली। डॉऊ जोन्स करीब 550 अंक गिरकर दिन के निचले स्तर पर बंद हुआ जबकि नैस्डैक में करीब 400 अंकों की गिरावट आई।
10 साल की अमेरिकी बॉन्ड यील्ड करीब एक साल की ऊंचाई 4.6% के ऊपर पहुंच गई। वहीं डॉलर इंडेक्स लगातार पांचवें दिन तेजी के साथ 99 के पार निकल गया जो करीब छह हफ्ते की ऊंचाई मानी जा रही है।
सोना-चांदी में भारी गिरावट
बुलियन बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। चांदी करीब ₹19,200 टूटकर ₹2,71,900 के पास बंद हुई। वहीं सोना करीब ₹3,400 गिरकर ₹1,58,500 के आसपास बंद हुआ।
हालांकि बाजार विशेषज्ञ मान रहे हैं कि अगर मध्य पूर्व तनाव और बढ़ता है तो सुरक्षित निवेश के तौर पर फिर से सोने में खरीदारी लौट सकती है।
एफआईआई ने खरीदे शेयर, घरेलू फंड्स ने की बिकवाली
विदेशी निवेशकों यानी एफआईआई ने लगातार दूसरे दिन खरीदारी की। शुक्रवार को एफआईआई ने कैश मार्केट में करीब ₹1329 करोड़ की खरीदारी की जबकि नेट खरीदारी करीब ₹1523 करोड़ रही।
दूसरी ओर घरेलू फंड्स ने लगातार 15 दिन खरीदारी करने के बाद शुक्रवार को करीब ₹1958 करोड़ के शेयर बेच दिए। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि बाजार अभी बेहद संवेदनशील बना हुआ है।
कॉर्पोरेट नतीजों में कौन चमका कौन फिसला
टाटा स्टील, सेल, प्रीमियर एनर्जी, एबर डिलीवरी और गॉडफ्रे फिलिप्स के नतीजों को बाजार ने मजबूत माना। वहीं पावर ग्रिड का प्रदर्शन बेहद कमजोर बताया जा रहा है।
एनएपीसी के नतीजे अच्छे रहे जबकि ओनो मिडा और कोच शिपयार्ड के नतीजे मिलेजुले रहे।
वोडाफोन आइडिया के नतीजे लगभग हर पैमाने पर शानदार बताए जा रहे हैं। कंपनी प्रेफरेंशियल वारंट्स के जरिए प्रमोटर्स से करीब ₹4730 करोड़ जुटाने की तैयारी में है।
आज एफएंडओ में एस्ट्रल और आईओसी के नतीजों पर बाजार की नजर रहेगी।
सरकार के बड़े फैसले
सरकार ने सिल्वर बार इंपोर्ट पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। माना जा रहा है कि इससे घरेलू बाजार में सप्लाई पर असर पड़ सकता है।
सप्लाई की कमी से बचने के लिए एमसीएक्स ने घरेलू रिफाइनर्स के लिए नियम आसान किए हैं।
इसके अलावा सरकार ने पेट्रोल एक्सपोर्ट पर ₹3 प्रति लीटर का विंडफॉल टैक्स लगाया है जबकि डीजल और एटीएफ पर टैक्स में कटौती की गई है।
सेबी और सीबीडीटी ने विदेशी निवेशकों के लिए PAN रजिस्ट्रेशन के नियम भी आसान कर दिए हैं। अब सिर्फ ऑथराइज्ड सिग्नेटरी के नाम से प्रक्रिया पूरी हो सकेगी।
आज बाजार में किन बातों पर नजर
- ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव
- हॉर्मोस स्ट्रेट की स्थिति
- ब्रेंट क्रूड 111 डॉलर के ऊपर टिकता है या नहीं
- डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड
- एमसीएक्स गोल्ड-सिल्वर की वोलैटिलिटी
- एफआईआई और डीआईआई की अगली चाल
- एस्ट्रल और IOC के नतीजे
अगर हॉर्मोस स्ट्रेट को लेकर तनाव और बढ़ता है तो आने वाले दिनों में तेल, सोना, डॉलर और शेयर बाजारों में और बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर मध्य पूर्व पर टिकी हुई है।
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Disclaimer: बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। यह रिपोर्ट केवल जानकारी और विश्लेषण के उद्देश्य से है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की सलाह जरूर लें।
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